गौ-अत्याचार पर फूट फूट कर रोई सुशीला किन्नर

 


अजमेर में हो रहे गो-अत्याचार के विरोध में हिन्दू संगठनों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर रोष जताया। कार्यकर्ता घायल गाय को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां सुशीला किन्नर भी गायों की इस हालत पर फूट फूट कर रोई। कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

कामधेनु सेना संगठन, गौ रक्षा हिंदू दल, हिंदू क्रांति सेना के पदाधिकारी घायल गाय को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचें। कार्यकर्ताओं ने कहा कि गायों पर हमले में पुलिस की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही। इसलिए ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं। इस दौरान सुशीला किन्नर ने भी इन घटनाओं पर रोष जताया।


 

इस दौरान सौंपे ज्ञापन में बताया कि राजस्थान में स्टाम्प विक्रय पर 10 प्रतिशत सरचार्ज एवं शराब से प्राप्त वेट राशि के सरचार्ज को गौ संरक्षण एवं संवर्धन के लिए ही उपयोग किया जा रहा था। राज्य सरकार द्वारा मुद्रांक अधिनियम में किए गए संशोधन के बाद से यह राशि आपदा प्रबंधन में भी व्यय की जा सकेगी। ऐसे में इस संशोधन को निरस्त किया जाए।

साथ ही एक वित्तीय वर्ष में 180 दिनों की दी जा रही अनुदान राशि को 365 दिन किया जाए। प्रदेश में संचालित पंजीकृत गौशालाएं जिनको संचालित होते हुए दो साल हो चुके है, उन्ही को अनुदान देने की बाध्यता एवं 200 गोवशं की गौशाला को अनुदान दिए जाने की बाध्यता को समाप्त किया जाए। सभी पंजीकृत गौशालाओं को अनुदान देने के साथ भुगतान नियमों का सरलीकरण किया जाए।

यह मांगे भी रखी

  • गौचर भूमि को अतिक्रमण से मुक्त करवाया जाए।
  • गोसंवर्धन एवं सरंक्षण के लिए भूमि आरक्षित हो।
  • प्रत्येक ग्राम पंचायत पर एक नन्दीशाला का निर्माण करवाएं।
  • बिजली बिलों पर छूट का प्रावधान यथावत रखा जाए।
  • गौ तस्करी रोकने के लिए प्रदेश की सीमा पर विशेष पुलिस चौकियां हो।

 SOURCE : दैनिक भास्कर

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