एमपीयूऐटी मे समारोह पूर्वक मनाया गया गणतंत्र दिवस

 

 

उदयपुर 26 जनवरी 2022 । महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय उदयपुर में राष्ट्र का 73 वां गणतंत्र दिवस समारोह पूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति डॉ. नरेंद्र सिंह राठौड़ ने तिरंगा ध्वज  फहराया। 

उन्होंने विश्वविद्यालय की फैकल्टी, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों को गणतंत्र दिवस की बधाई देते हुए कहा की आज ही के दिन 1950 में हमारा संविधान अधिकारिक रूप से लागू हुआ था तथा भारत एक संप्रभु राष्ट्र बना और लोकतांत्रिक गणराज्य की उपाधि हासिल की।  

इसी दिन को संपूर्ण राष्ट्र आज उत्सव के रूप में मना रहा है। उन्होंने इस अवसर पर सभी वीर क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानियों को नमन किया जिनके पराक्रम से हम आज विश्व पटल पर गौरव से सुशोभित हैं। उन्होंने डॉ. भीमराव अंबेडकर सहित संविधान निर्माताओं के प्रति कृतज्ञता प्रकट की जिन्होंने हमारे गौरवशाली संविधान की रचना की है। डॉ राठौड़ ने  संविधान को भारत की आत्मा बताते हुए कहा की इसे सर्वोपरि रखना हम सभी देशवासियों का मौलिक कर्तव्य है । 

उन्होंने इस अवसर पर आह्वान किया कि हम संविधान के आदर्शों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रकट करते हुए स्वर्णिम भारत के निर्माण में अपना योगदान सुनिश्चित करें। इस अवसर पर उन्होंने विगत वर्ष मे एम पी यू ऐ टी की विभिन्न उपलब्धियों पर चर्चा करते हुए बताया कि इस वर्ष हमारे सभी महाविद्यालयों को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा आगामी 5 वर्षो के लिए प्रत्यायन बोर्ड द्वारा मान्यता  मिली  है। 

परिषद द्वारा अखिल भारतीय रैंकिंग मे भी विश्वविध्यालय ने कृषि संस्थानों मे 15 वा, कृषि विश्वविध्यालयों मे 11 वां और प्रदेश मे प्रथम स्थान अर्जित किया है जिसके लिये उन्होंने गर्व के साथ सभी को कोटिश बधाई दी। उन्होंने विगत माह मे 15 वें दीक्षांत समारोह के सफल आयोजन, राज्यपाल महोदय के स्मार्ट विलेज इनिशियेटिव के अंतर्गत मदार गाँव के श्रेष्ठ कृषि विकास कार्य और प्रदर्शन हेतु माननीय राज्यपाल महोदय द्वारा प्रशंसा के लिए विश्वविध्यालय कर्मचारियों को शुभकामनाएं दी। 

उन्होंने विगत वर्ष मे अनुसंधान उपलब्धियों, प्रसार कार्यो, बीजोतपादन्, नव तकनीको के पेटेंट, क्वालिटी शोध प्रकाशन, शैक्षणिक उपलब्धियों, नये शैक्षणिक पाठ्यक्रम प्रारंभ करने, नई शिक्षा नीति की तैयारियो, वेबिनारों के आयोजन, अंतर्राष्ट्रीय व राष्ट्रीय अनुबंधो, आई ओ टी के कार्यो, डूंगरपुर मे नवीन कृषि महाविद्यालय की स्थापना, अनेक महत्त्वकांशी परियोजनाओं के संचालन, नई बीज किस्मो के विकास इत्यादि का उल्लेख किया एवं ऊर्जा व लगन से एम पी यू ऐ टी  को सफलता की नयी उंचाइयो पर ले जाने का अव्हान भी किया।