कल की ही बात थी। रोज की तरह इस बार भी श्वेता शाम को घर
में पति के आने का इंतजार कर रही थी। तभी श्वेता की माँ का फोन आया तो माँ
ने फोन में श्वेता के हालचाल पूछें और प्रेगनेंसी के बारे में चर्चा करने
लगी। तब श्वेता उदास मन से कहती है कि शादी के 5 साल हो चुके है। अभी तक
मुझे माँ बुलाने वाला कोई भी नही है।
तब उसकी माँ उसे ढ़ाढस बंधाते हुए बोलती है। कि तुम परेशान मत हो, मैंने किसी से
ट्यूबल ब्लॉकेज के इलाज के बारे में सुना है। उनसे बात करके तुम्हें मैं
जल्दी से वहां के बारें में जरुर बताउंगी।इतने में श्वेता के पति ऑफिस से आ
जाते है और श्वेता फोन को रखते हुए बोलती है कि ठीक है माँ वो ऑफिस से आ
गये है।फिर बात करतीहूँ।
श्वेता अपने पति से बात
करते हुए बोलती है। कि आज माँ से मेरी बंद ट्यूब के बारे में चर्चा हो रही
थी। वह बता रहीं थी। कि उनके किसी जानकार को भी इस तरह की परेशानी थी।
जिससे उनके बच्चे नही हो पा रहे थे। माँ ने कल उनके बारे में बताने को कहा
है।
आज फिर से रोज की तरह श्वेता का पति तैयार होकर
ऑफिस चला जाता है। श्वेता माँ की बात को याद करते हुए सोचती है । कि काश
माँ की बात सच हो और मै भी भी माँ बन जाऊं तो कितना अच्छा हो जाएगा। ऐसा
सोचते-सोचते श्वेता को नींद आ जाती है। और श्वेता सो जाती है।
एक
दो दिन बाद फिर से श्वेता की माँ का फोन आता है। तो श्वेता के चेहरे में
एक अलग सी मुस्कान आ जाती है। और सबसे पहले फोन पर माँ से उस जगह के बारे
में पूछती है। कि माँ उनके बारे में पता चला है। जिसका पता बताने के लिए
आपने मुझसे कहा था ।
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माँ भी खुशी के साथ-साथ कहती है
। कि बेटा अब चिंता की बात नही है। मैंने वहां के बारे में पूरी जानकारी
ले ली है। और वहां का नंबर भी उनसे ले लिया है। ऐसा सुनते ही श्वेता खुशी
के मारे फूली नही समाती है। माँ कहती है। की वह कोई और जगह नही दिल्ली में
रहने वाली डॉ चंचल शर्मा है । जो ट्यूबल ब्लॉकेज का सबसे अच्छा आयुर्वेद
इलाज देती हैं। बात करते करते दोनों ने दिल्ली में आशा आयुर्वेदा जाने का
फैसला कर लिया ।
शाम को
पति के आते ही श्वेता ने आशा आयुर्वेदा के बारे में और माँ की सारी बाते
बताई । इन सब में पति की सममति भी बन गई। और तीनों ने कल दिल्ली स्थिति आशा
आयुर्वेदा में आने का फैलसा कर लिया और फोन में बात भी कर ली।
आशा
आयुर्वेदा आते ही । श्वेता और उसके पति डॉ चंचल शर्मा से मिले और बच्चे न
होने की बात बताई । रिपोर्ट भी साझा की जिसमें श्वेता की ट्यूब बंद थी
जिसके कारण वह बच्चे को जन्म नही दे पा रही थी।
डॉ चंचल शर्मा से बात करते ही श्वेता को विश्वास हो गया था। कि जिस जगह की
हमें तलाश थी । आज वह पूरी हो गई है। डॉ चंचल शर्मा ने 3 महीने के इलाज के
बात कही और यह इलाज लेकर खुशी-खुशी श्वेता पति और माँ के साथ अपने घर लौट
आती है।
और एक महीना पूरा होने के बाद फिर से डॉ
चंचल शर्मा से बात करने पर मिलने की बात कहती है। डॉ के हां कहने पर फिर से
दोबारा श्वेता आशा आयुर्वेदा में आती है। और HSG Test कराती है। जिसमें
आयुर्वेदिक इलाज से श्वेता की दोनों ट्यूब खुल जाती है।
अब
मानो श्वेता की खुशी का कोई ठिकाना नही रह जाता है। और डॉ चंचल शर्मा को
बार-बार थैंक्स बोलते हुए कहती है। कि आपके यहां आने पर मेरा सफर पूूरा हो
गया और मैं जल्दी से माँ बन जाउंगी। और मुझे माँ बनने का सुख मिल जाएगा।
ऐसा कहते हुए श्वेता डॉ चंचल शर्मा से जाने की इजाजत मांगते हुए अपनी माँ
से साथ घर को चली जाती है।
इस सच्ची कहानी के अंश आशा आयुर्वेदा की निःसंतानता विशेषज्ञ डॉ चंचल शर्मा और श्वेता से बातचीत के दौरान प्राप्त हुए है।