मसूदा : मसूदा विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस की राजनीति में इन दिनों शिखरानी ग्राम पंचायत से लगातार दूसरी बार सरपंच बने मसूदा पंचायत समिति प्रधान मीनू कंवर राठौड़ के पति सुरेंद्र सिंह राठौड़ अपनी कार्यप्रणाली से इन दिनों लगातार सुर्खियों में है जिसने क्षेत्र के दिग्गज कांग्रेसी नेताओं की नींद उड़ाने के साथ ही जबरदस्त सर्दी के बीच क्षेत्र के राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया है।
राजनीति में जिले के कद्दावर नेता समाजसेवी भंवर सिंह पलाड़ा के नजदीकी माने जाने वाले सुरेंद्र सिंह लगभग एक साल पूर्व हुए पंचायती राज चुनावो में अपनी पत्नी को भाजपा से प्रधान का टिकट नही मिलने पर भाजपा से नाराज होकर क्षेत्र के दिग्गज कांग्रेसी नेता संग्राम सिंह गुर्जर से मिलकर कांग्रेस में शामिल हो गए थे।
उस समय संग्राम सिंह गुर्जर ने कांग्रेस का समर्थन दिलवाकर भाजपा का बहुमत होने के बावजूद उनकी पत्नी मीनू कवर राठौड़ को मसूदा पंचायत समिति से कांग्रेस का प्रधान बना दिया। पत्नी मीनू कंवर के प्रधान बनने के बाद से ही अलग अलग कारणों चाहे पंचायत समिति के कार्मिकों से विवाद, पंचायत समिति मद के बजट का लगभग 70 फीसदी बजट अपनी खुद की ग्राम पंचायत शिखरानी में आवंटन करने, पंचायत समिति की अधिकांश ग्राम पंचायतों के सीमेंट ब्लाक के टेंडर अपरोक्ष रूप से अपने परिजनों के नाम से लेने, हालाकि विरोध के बाद टेंडर वापस ले लिए गए। इसके अलावा पंचायत समिति के कार्मिकों को लगातार इधर उधर करने के अलावा एईएन सीमा चौहान से हुए विवाद ने उन्हें सुर्खियों में बनाए रखा।
एईएन सीमा चौहान पर जहाँ उन्होंने भृष्टचार के आरोप लगाए वही एईएन चौहान ने मनरेगा में मोके पर काम नही होने पर भी एमबी भरने के लिए दबाव डालने का आरोप प्रधान पति सुरेंद्र सिंह पर लगाया था। मामला राज्य सरकार तक पहुचा एईएन सीमा चौहान का तबादला अराईं पंचायत समिति में कर दिया गया। इस मामले की जांच फिलहाल पेंडिंग ही है।
इन सब के बीच प्रधान पति सुरेंद्र सिंह की कार्यप्रणाली लगातार सुर्खियों में है। बेहद ढंड के बीच इन दिनों पंचायत समिति क्षेत्र की सभी ग्राम पंचायतों में सुरेंद्र सिंह द्वारा जरूरतमन्दों को कम्बल बाटे जा रहे हैं जानकारी के अनुसार लगभग 3 हजार कम्बल अब तक बाटे जा चुके, इनकी यही कार्यप्रणाली क्षेत्र के दिग्गज कांग्रेसी नेताओं की नींद उड़ा रखी है।
अलग अलग गुटों में बटी कांग्रेस, राठौड़ लाभ उठाने की जुगत में
उल्लेखनीय है कि मसूदा विधानसभा क्षेत्र हमेशा से ही कांग्रेस का गढ़ रहा है जातीय समीकरण के हिसाब से यह कांग्रेस के लिए सेफ सीट मानी जाती है मगर यहाँ कांग्रेस अलग अलग गुटों में बटी है।इसका लाभ भाजपा कई दफा उठा चुकी है। मसूदा विधानसभा क्षेत्र में पूर्व संसदीय सचिव ब्रह्मदेव कुमावत, डेयरी अध्यक्ष रामचन्द्र चौधरी, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री सचिन पायलट के खास उल खास संग्राम सिंह गुर्जर, वाजिद खान चीता, कयूम खान, राकेश शर्मा चापानेरी के अपने अपने खेमे है। ऐसा माना जा रहा है कि मसूदा कांग्रेस की राजनीति में कांग्रेस में अब एक ओर खेमा जल्द ही लोगो को दिखाई देगा।
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